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आँखे मुचमुचाते गौरेया के बच्चे की तरह चहचहाता निकलता हूँ अपने स्व के खोल से। निरखता हूँ संसार, जो दिखता है वह भी और जो नहीं दिखता है उसकी दृश्य चाह भी बहुत कुछ अभिव्यक्त करने को प्रेरित करती है। इसलिये अपना कुछ भी नहीं पर संसार का ही सब लेकर इतराता हूँ, लिखता जाता हूँ। यहाँ यत्र-तत्र बिखरी रचनाओं को सहेजने का उपक्रम है । यहाँ पुराने ठिकानों की रचनाएँ भी ठुमकती मिलेंगीं। यह पृष्ठ किसी भी तरह व्यक्त हो गये अन्तर के अनुभूति-क्षणॊं का सहज प्रदर्शन है। कोई बनाव नहीं, न कोई सजाव। यहाँ बहुत कुछ कहने की ज़रूरत भी नहीं । रोज-बरोज का खाका खींचने के लिए मेरी लिखावट तो है ही -इसमें बहुत कुछ झलकेगा। सब आपके सामने है। मैं भी, मेरी करनी भी!

व्यक्तिगत

वैशिष्ट्य

अनुभूति-अभिव्यक्ति

रम्यांतर मौलिक संवेदित अभिव्यक्ति का सहज प्रदर्शन है। जीवन की अनुभूति को अभिव्यक्त करते निबंधात्मक व संवेदनात्मक आलेख इस पृष्ठ को संवेदित करते मिलेंगे।

साहित्यानुवाद

रम्यांतर पर उल्लेखनीय अनूदित रचनायें (विशिष्ट अंग्रेजी व संस्कृत की रचनाओं का हिन्दी में अनुवाद) आकर्षण का हेतु हैं, और इसकी विरल विशिष्टता भी।

नाटक-काव्य

साहित्य की श्रेष्ठतम विधाओं में एक नाटक व एकांकी इस वेब-स्थल को अर्थपूर्ण बनाते हैं। महनीय व्यक्तित्वों, अनुकरणीय चरित्रों का सहज व प्रवाहपूर्ण चित्रांकन प्रस्तुत है यहाँ।

नक्षत्र

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चिट्ठाकारी के ठौर

सच्चा शरणम्

पहला और सबसे प्रिय ब्लॉग। इसी पर सर्वाधिक सक्रिय है रचनाकार। शैशव की ठुनक, यौवन की पुलक और प्रौढ़ता की सिहरन है सच्चा शरणम् में। साहित्य-अभिव्यक्ति का अनिवार्य अंग है यह।

सच्चा शरणम्

अखिलं मधुरम्

’ब्रह्मानन्दसहोदर’ साहित्य का आँचल पकड़े रचनाकार पिताजी प्रेम नारायण पंकिल की दार्शनिक, आध्यात्मिक एवं स्वांतःसुखीन रचनाओं का सहज प्रकाशन है इस ब्लॉग पर। अवगाहन-आमंत्रण।

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प्रकारान्तर

इस ब्लॉग पर विभिन्न विषयों पर लिखे स्थायी महत्व के अकादमिक निबन्ध-समीक्षायें व अन्यान्य स्फुट रचनायें प्रकाशित हैं। हिमांशु पाण्डेय के संक्षिप्त शोध-आलेखों का प्रकाशन भी इस ब्लॉग का हेतु है।

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